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Kashi Ki Aawaz | अमृत भारत एक्सप्रेस से अवैध शराब बरामद  बिहार ले जाने की थी तैयारी, विशेष ठहराव देकर पकड़ी गई खेप
चंदौली

अमृत भारत एक्सप्रेस से अवैध शराब बरामद बिहार ले जाने की थी तैयारी, विशेष ठहराव देकर पकड़ी गई खेप

अमृत भारत एक्सप्रेस से अवैध शराब बरामद

बिहार ले जाने की थी तैयारी, विशेष ठहराव देकर पकड़ी गई खेप

ब्यूरो अशोक कुमार जायसवाल चंदौली 

पंडित दीनदयाल उपाध्याय नगर क्षेत्र में ट्रेनों से शराब तस्करी का सिलसिला बदस्तूर जारी है। इसी कड़ी में डीडीयू-पटना रेलखंड पर स्थित दिलदारनगर स्टेशन पर 22362 डाउन अमृत भारत एक्सप्रेस से भारी मात्रा में अवैध शराब बरामद की गई। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने मुखबिर की सूचना पर यह कार्रवाई करते हुए लगभग 40 हजार रुपये मूल्य की शराब जब्त की।

आरपीएफ को पुख्ता सूचना मिली थी कि अमृत भारत एक्सप्रेस के कोच संख्या S6 और S7 में बड़ी मात्रा में शराब छिपाकर बिहार ले जाई जा रही है। आशंका जताई गई थी कि बिहार सीमा में प्रवेश करते ही वैक्यूम प्रेशर (ACP) का उपयोग कर शराब को ट्रेन से उतार लिया जाएगा। चूंकि इस ट्रेन का दिलदारनगर स्टेशन पर नियमित ठहराव नहीं था, इसलिए सुरक्षा नियंत्रण कक्ष दानापुर से विशेष अनुमति ली गई।

मंगलवार सुबह करीब 10:31 बजे ट्रेन प्लेटफार्म संख्या 02 पर पहुंची। आरपीएफ और जीआरपी की संयुक्त टीम ने तुरंत सघन तलाशी अभियान शुरू किया। तलाशी के दौरान कोच संख्या S6 और S7 से कुल 08 लावारिस बैग बरामद हुए। इन बैगों को खोलने पर ब्रांडेड अंग्रेजी शराब की बोतलें मिलीं।

हालांकि, कोच में मौजूद किसी भी यात्री ने इन बैगों पर अपना मालिकाना हक नहीं जताया और न ही कोई संदिग्ध व्यक्ति पकड़ा जा सका। यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि शराब की यह खेप कहां से चढ़ाई गई थी, लेकिन अनुमान है कि इसे डीडीयू जंक्शन से चढ़ाया गया होगा।

इस कार्रवाई के संबंध में आरपीएफ निरीक्षक प्रभारी गणेश सिंह राणा ने बताया कि बिहार में शराब प्रतिबंधित होने के साथ-साथ यह एक ज्वलनशील पदार्थ भी है। ट्रेन में इतनी बड़ी मात्रा में शराब ले जाना यात्रियों की जान-माल के लिए बड़ा खतरा बन सकता था। बरामद शराब को जब्त कर अग्रिम कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी दिलदारनगर को सौंप दिया गया है।

इस कार्यवाही में आरपीएफ से निरीक्षक प्रभारी गणेश सिंह राणा, उपनिरीक्षक नवीन कुमार, स.उ.नि. ऋषिकेश शर्मा, आरक्षी अरुण कुमार व हरिशंकर शामिल थे। वहीं जीआरपी से उपनिरीक्षक अश्वनी कुमार, मुख्य आरक्षी अजित कुमार व आरक्षी विनोद कुमार ने योगदान दिया।

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